Police Giraft Me Aaropi (Bijnor)
बिजनौर (संवाददाता महेंद्र सिंह) : उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जनपद में कोडीन युक्त कफ सिरप के गैर-चिकित्सक और अवैध दुरुपयोग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की शिकायत के बाद की गई, जिससे जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन बिजनौर के अधिकारी उमेश कुमार भारती की ओर से थाना कोतवाली शहर में तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग कोडीन युक्त सिरप का चिकित्सकीय उपयोग के बजाय नशे के रूप में अवैध इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कानूनन अपराध है और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

पुलिस जांच में हुआ अवैध दुरुपयोग का खुलासा
तहरीर मिलने के बाद बिजनौर (Bijnor) कोतवाली शहर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को ठोस साक्ष्य मिले, जिनसे यह पुष्टि हुई कि कोडीन युक्त सिरप का उपयोग किसी वैध मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के तहत नहीं किया जा रहा था, बल्कि इसका दुरुपयोग नशे के उद्देश्य से किया जा रहा था।
जांच के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों—अरुण कुमार, शिवांशु सिंह और पवन सिंह—को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि आरोपी कोडीन युक्त सिरप को गैर-चिकित्सक तरीके से इस्तेमाल कर रहे थे और इसके जरिए अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
आरोपियों को न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल
बिजनौर (Bijnor) पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है और भविष्य में भी इस तरह के मामलों में सख्ती बरती जाएगी।
बिजनौर (Bijnor) खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की भूमिका को भी इस कार्रवाई में अहम माना जा रहा है। विभाग द्वारा समय रहते शिकायत दर्ज कराए जाने से पुलिस को अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने में सफलता मिली। अधिकारियों का कहना है कि कोडीन युक्त सिरप एक नियंत्रित दवा है, जिसका उपयोग केवल चिकित्सकीय सलाह और वैध पर्चे के आधार पर ही किया जा सकता है।
जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है कोडीन युक्त सिरप का दुरुपयोग
विशेषज्ञों के अनुसार, कोडीन युक्त सिरप का लंबे समय तक और बिना चिकित्सकीय सलाह के सेवन करने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकता है। यही कारण है कि सरकार और प्रशासन इस तरह की दवाओं के अवैध उपयोग को लेकर लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं।
बिजनौर (Bijnor) पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे भी जांच जारी है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मेडिकल स्टोरों और दवा विक्रेताओं पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि बिना पर्चे के ऐसी दवाओं की बिक्री को रोका जा सके।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
बिजनौर (Bijnor) प्रशासन की ओर से साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि नशीली और नियंत्रित दवाओं के अवैध व्यापार या दुरुपयोग में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें इस तरह की किसी अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचित करें।