Shamli Me Rajwaahe Ki Patri Pe Chal Raha Avaidh Nirmaan
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के जनपद शामली (Shamli) में कॉलोनाइजरों का एक बड़ा कारनामा सामने आया है। आरोप है कि निजी फायदे के लिए सरकारी रास्ते को भी नहीं बख्शा गया और सिंचाई विभाग के रजवाहे की कच्ची पटरी पर बिना अनुमति अवैध तरीके से खड़ंजा निर्माण कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद सिंचाई विभाग ने इस निर्माण को नियमों के विरुद्ध बताया है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला शामली (Shamli) थाना कोतवाली क्षेत्र के ताजपुर-सिम्भालका रेलवे अंडरपास के समीप स्थित एक रजवाहे की पटरी से जुड़ा है। संबंधित पटरी सिंचाई विभाग के अंतर्गत आती है। जानकारी के अनुसार, रजवाहे के कच्चे रास्ते पर पास में विकसित की जा रही एक नव-निर्मित कॉलोनी के कॉलोनाइजरों द्वारा खड़ंजा डलवाया जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह निर्माण कार्य विभाग से बिना किसी अनुमति के कराया जा रहा है। यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह सीधे तौर पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण की श्रेणी में आएगा।
मजदूरों ने क्या बताया?
मौके पर काम कर रहे मजदूरों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह कार्य एक प्रॉपर्टी डीलर “कोकन” द्वारा करवाया जा रहा है। हालांकि मजदूरों ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि निर्माण के लिए कोई सरकारी अनुमति ली गई है या नहीं।
इस बयान से यह संकेत मिलता है कि शामली (Shamli) में यह निर्माण कार्य बिना वैधानिक प्रक्रिया के कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलोनाइजर अपने प्रोजेक्ट को आकर्षक दिखाने के लिए सरकारी रास्ते को पक्का करवा रहे हैं।
सिंचाई विभाग का क्या कहना है?
जब इस मामले में शामली (Shamli) के सिंचाई विभाग के अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि विभाग की संपत्ति पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य बिना एनओसी के नहीं किया जा सकता।
एनओसी क्यों है जरूरी?
अधिकारी के अनुसार:
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सिंचाई विभाग की भूमि पर निर्माण से पहले विभागीय अनुमति अनिवार्य है।
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एनओसी केवल उन्हीं कार्यों के लिए दी जाती है, जिनसे जनहित में लाभ हो।
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अंडरपास के समीप किसी प्रकार की एनओसी जारी नहीं की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि मामला संज्ञान में आया है। यदि जांच में अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाया जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कॉलोनी का भी आरोप
सूत्रों के अनुसार, रजवाहे के बराबर में स्थित कॉलोनी पूरी तरह अवैध बताई जा रही है। आरोप है कि कॉलोनाइजर लोगों को सपनों का घर दिखाकर प्लॉट बेच रहे हैं, जबकि कॉलोनी की कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
जनपद शामली (Shamli) में इस समय अवैध कॉलोनियों की संख्या बढ़ती जा रही है। समय-समय पर विकास प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण और सीलिंग जैसी कार्रवाई भी की जाती रही है।
एमडीए की प्रतिक्रिया
जब इस मामले में शामली (Shamli) विकास प्राधिकरण (एमडीए) के अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि फिलहाल बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और वे खतौली में ड्यूटी पर तैनात हैं।
12 मार्च के बाद होगी कार्रवाई
अधिकारी ने कहा कि:
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शामली जनपद में अवैध कॉलोनियों का डेटा एकत्र किया जा रहा है।
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12 मार्च के बाद सभी अवैध कॉलोनियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस बयान के बाद यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
आगे क्या?
अब यह देखना अहम होगा कि शामली (Shamli) सिंचाई विभाग और विकास प्राधिकरण इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करते हैं। यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो संबंधित कॉलोनाइजरों पर जुर्माना, निर्माण ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
शामली (Shamli) का यह मामला न केवल सरकारी संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि उन आम नागरिकों से भी संबंधित है जो अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर घर खरीदने का सपना देखते हैं। प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।