Ground Reality of Farmers and Stray Cattle in Shaml
Farmers की बढ़ती चिंता और प्रशासन से समाधान की मांग,शामली में आवारा गौवंश की समस्या
दीपक राठी (संवाददाता): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा आवारा पशुओं के लिए जगह जगह गौशालाएं बनवाए जाने के बावजूद भी जनपद शामली की सड़कों पर सैकड़ों की तादात में आवारा गौवंश घूम रहे हैं। बता दे कि जिनके कारण Farmers की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है साथ ही आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं का ग्राफ भी बढ़ा है। उक्त समस्या के चलते कई किसान इकठ्ठा होकर क्लक्ट्रेट पहुंचे।
शामली में आवारा गौवंश की समस्या का बढ़ता संकट
जहा सभी Farmers ने एस डी एम को एक ज्ञापन सौंपते हुए आवारा पशुओं से निजात दिलाए जाने की मांग की है।वहीं किसानों द्वारा आवारा पशुओं की एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल की गई हैं जिसमें दर्जनों की तादात में आवारा पशु किसानों की फसलों को बर्बाद करते नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि मंगलवार को शामली के कस्बा बनत निवासी कई Farmers क्लक्ट्रेट पहुंचे जहा उन्होंने शामली के एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपते हुए बताया।
Farmers की फसलों को हो रहा भारी नुकसान
कि हमारे कस्बे में दर्जनों की तादात में आवारा पशु खेतों ओर सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं,आवारा पशुओं के द्वारा सैकड़ों Farmers की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है। किसानों का कहना है कि उक्त आवारा पशु खेतों में झुण्ड बनाकर रहते हैं और यदि कोई किसान आवारा पशुओं को भगाने का प्रयास करता है तो वे किसान पर ही हमलावर हो जाते हैं। Farmers का कहना है कि उनके क्षेत्र में आवारा पशुओं द्वारा किसानों को बड़ी हानि पहुंचाई गई है।
आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं में वृद्धि
इसके अलावा भी आवारा पशुओं के कारण आय दिन सड़क दुर्घटनाएं सामने आती रहती हैं,जिसमें कई बार तो बेहद गंभीर सड़क हादसे भी हो जाते हैं। Farmers का कहना है कि जब सरकार द्वारा हजारों करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा कर गौवंशो के रखरखाव के लिए गौशालाएं संचालित की जा रही है,उसके बावजूद भी आवारा गौवंश भारी संख्या में सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं।

जो कि नगर पंचायत के अधिकारियों की एक बड़ी नाकामयाबी है। साथ ही इससे सरकार की योजना को भी पलीता लग रहा है।
गौशालाओं की स्थिति पर सवालिया निशान
उत्तर प्रदेश सरकार ने आवारा पशुओं के लिए गौशालाएं बनवाने की योजना शुरू की थी, लेकिन इन गौशालाओं की स्थिति पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। Farmers का कहना है कि इन गौशालाओं में पर्याप्त स्थान और संसाधन नहीं हैं, जिससे आवारा पशुओं की समस्या जस की तस बनी हुई है।
जनपद शामली में आवारा गौवंश की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं के निर्माण जैसी योजनाओं के बावजूद, सड़कों और खेतों में घूमते सैकड़ों आवारा पशु इस बात का प्रमाण हैं कि इन योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभाव कमजोर रहा है।
प्रशासन से शीघ्र समाधान की उम्मीद
Farmers की फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे उनका आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है। साथ ही, इन पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों की जान को खतरा है। इससे किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है, और इसी के चलते उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की है।
सड़कों पर घूमते सैकड़ों आवारा पशु न केवल Farmers की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और आमजन की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन चुके हैं। किसानों का एसडीएम को ज्ञापन सौंपना यह दर्शाता है कि अब सब्र का बांध टूट रहा है और वे तत्काल समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।