शामली में खनन अधिकारी समेत 2 गिरफ्तार, रिश्वत के आरोप में बड़ी कार्रवाई; भारी नकदी बरामद
Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली में खनन विभाग से जुड़े एक मामले में मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने रिश्वत मांगने के आरोप में खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और विभाग के लिपिक सदाम को हिरासत में लिया है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के कार्यालय और आवास से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि एंटी करप्शन टीम ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि खनन विभाग से जुड़े पट्टे के काम को आगे बढ़ाने के नाम पर उससे रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने शामली पहुंचकर कार्रवाई की।
पट्टा कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शामली जिले के एक व्यक्ति ने खनन विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मेरठ एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। शिकायत में पट्टा नाम कराने और संबंधित काम को आगे बढ़ाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगने की बात कही गई थी।
शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच की। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए खनन विभाग के लिपिक सदाम और खनन अधिकारी सुधाकर सिंह को पकड़ लिया।
बताया जा रहा है कि मामले में करीब 1.85 लाख रुपये की रिश्वत लिए जाने का आरोप है। हालांकि, रिश्वत की रकम और पूरे घटनाक्रम को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कार्यालय और आवास पर भी जांच
एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई के दौरान खनन अधिकारी के कार्यालय के अलावा उनके आवास पर भी जांच की। जानकारी के अनुसार उनका आवास डीएम आवास के पास स्थित बताया जा रहा है।
जांच के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। शुरुआती जानकारी में बरामद रकम करीब 65 लाख रुपये बताई जा रही है, जबकि कुछ सूचनाओं में रकम इससे अधिक होने का भी दावा किया गया है। नकदी की वास्तविक राशि और उसके स्रोत का सत्यापन जांच टीम द्वारा किया जा रहा है।
सहायक के घर से भी नकदी मिलने की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, खनन विभाग के लिपिक सदाम के घर से भी बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। कुछ जानकारी में यह रकम करीब 70 लाख रुपये तक बताई जा रही है। हालांकि, बरामद नकदी की कुल राशि को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आने के कारण आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
एंटी करप्शन टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम का स्रोत क्या है और इसका कथित रिश्वत मामले से कोई संबंध है या नहीं।
एक महीने से पट्टे के काम को लेकर चल रही थी बात?
मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता कथित तौर पर करीब एक महीने से पट्टे से संबंधित काम के लिए अधिकारियों के संपर्क में था। आरोप है कि काम को आगे बढ़ाने के लिए उसे लगातार टालने और रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत की गई थी।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने मेरठ एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। टीम ने शिकायत की जांच के बाद शामली में कार्रवाई की।
थाना आदर्श मंडी ले जाए गए आरोपी
कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को शामली के थाना आदर्श मंडी ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। टीम रिश्वत के आरोप, शिकायत से जुड़े दस्तावेजों और बरामद नकदी के स्रोत की जांच कर रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद पूरी रकम का रिश्वत के आरोप से कोई सीधा संबंध है या नहीं। एंटी करप्शन टीम की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ एंटी करप्शन टीम ने शामली में कार्रवाई की।
खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और लिपिक सदाम को हिरासत में लिया गया।
पट्टा नाम कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
करीब 1.85 लाख रुपये की रिश्वत से जुड़े आरोप सामने आए हैं।
कार्यालय और आवास पर जांच के दौरान भारी नकदी बरामद होने की जानकारी है।
नकदी की वास्तविक राशि और स्रोत की जांच जारी है।
दोनों आरोपियों से थाना आदर्श मंडी में पूछताछ की जा रही है।
नोट: मामले में सामने आए रिश्वत और नकदी से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।