ajrang Dal Rashtruya Sanyojak Neeraj Doneria Ka Delhi Blast Par Bada Bayaan (Muzaffarnagar)
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) (संवाददाता गौरव चौटाला) : दिल्ली-एनसीआर में हालिया विस्फोटों और उनसे जुड़ी बड़ी बरामदगी-कार्रवाई के बीच बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया ने मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) की खतौली तहसील में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बड़ा और विवादित बयान दिया।
उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ “लव जिहाद” और “इस्लामी जिहाद” की व्यापक साजिश चल रही है, जो लंबे समय से सक्रिय है।
दौनेरिया ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में दावा किया कि दिल्ली में गिरफ्तार कुछ संदिग्धों के बारे में मिली जानकारी से यह षड्यंत्र सामने आया है।

‘ढूंढ-ढूंढ कर गोली मारो’ — विवादित बयान पर उठे सवाल
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में हुए इस कार्यक्रम के दौरान दौनेरिया ने आतंकवादियों के खिलाफ कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि “ऐसे अपराधियों को जहां भी हों, ढूंढ-ढूंढ कर मार देना चाहिए ताकि सबक मिले।”
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) से वायरल यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
कई संगठनों और नागरिक समूहों ने इस कथन को कानून के परे जाने वाला बताया और हिंसा को बढ़ावा देने वाली भाषा की निंदा की।
कानूनी दृष्टि से देखा जाए तो किसी व्यक्ति को हत्या या हिंसक कार्रवाई का आदेश देने का अधिकार नहीं है। ऐसे बयानों से कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है।
पृष्ठभूमि — दिल्ली-एनसीआर से विस्फोटक और हथियार बरामद
हाल के दिनों में सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक बड़े अभियान के तहत करीब 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए हैं।
कई डॉक्टर और अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राज्य पुलिसें इस मामले की संयुक्त जांच कर रही हैं और इसे आतंकी नेटवर्क से जुड़ी साजिश के रूप में देखा जा रहा है।
इन सफल कार्रवाइयों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की जा रही है।
स्थानीय और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) और आसपास के क्षेत्रों में दौनेरिया के बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सार्वजनिक मंच से हिंसा का आह्वान किए जाने पर नाराजगी जताई और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी, और किसी भी प्रकार की उकसाने वाली गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और किसी भी आरोप की पुष्टि केवल न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
मीडिया की भूमिका और सार्वजनिक जिम्मेदारी
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) से दौनेरिया ने ने कहा यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि आतंकवाद जैसे संवेदनशील मामलों में सही तथ्यों और आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर आधारित रिपोर्टिंग आवश्यक है।
सार्वजनिक हस्तियों द्वारा दिए गए बयान, खासकर वे जो हिंसा या नफरत को बढ़ावा देते हों, उनके सामाजिक और कानूनी प्रभावों का गंभीर मूल्यांकन जरूरी है।
यह भी उतना ही अहम है कि किसी भी समुदाय को ठोस सबूतों के बिना निशाना न बनाया जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और न्याय दोनों कायम रह सकें।