Shamli Me Doctors Ka Dharna
शामली (संवाददाता दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के जनपद शामली (Shamli) में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां सरकारी डॉक्टरों ने पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ थाने में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। चोरी का खुलासा न होने से नाराज चिकित्सकों ने भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की राह पर चलते हुए थाना परिसर में डेरा डाल दिया।
दरअसल, मामला जिले के चर्चित सीएचसी प्रभारी डॉक्टर दीपक चौधरी के आवास पर हुई चोरी से जुड़ा है, जो टिकैत परिवार के दामाद बताए जा रहे हैं। करीब दस दिन पहले उनके कैंपस स्थित आवास में अज्ञात चोरों ने लाखों रुपए की चोरी की थी। लेकिन पुलिस अब तक चोरों तक नहीं पहुंच सकी। इसी से नाराज होकर डॉक्टरों ने किसान यूनियन के अंदाज में थाने में धरना शुरू कर दिया।

पुलिस के खिलाफ चिकित्सकों का धरना, थाने में मचा हड़कंप
शामली (Shamli) में घटना के बाद जब डॉक्टरों ने भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ शहर कोतवाली पहुंचकर धरना प्रदर्शन शुरू किया, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, भाकियू पदाधिकारी कपिल खटियान, संगठन के अन्य सदस्य और दर्जनों सरकारी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी कोतवाली पहुंचे और “चोरी का खुलासा करो” के नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए।
शामली (Shamli) थाना परिसर में डॉक्टरों और किसान नेताओं को साथ बैठा देख पुलिस अधिकारी सकते में आ गए। कई घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर धरने पर बैठे चिकित्सकों और भाकियू नेताओं से बातचीत की।
आखिरकार पुलिस ने उन्हें एक सप्ताह के भीतर चोरी के खुलासे का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।

डॉक्टर दीपक चौधरी बोले — “अगर खुलासा न हुआ, तो अगला कदम तय करेंगे”
शामली (Shamli) से सीएचसी प्रभारी डॉक्टर दीपक चौधरी ने बताया कि “मेरे कैंप कार्यालय स्थित सरकारी आवास पर चोरी की घटना को हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है। इसलिए हम थाने पहुंचे थे, ताकि इस मामले में गंभीरता दिखाई जाए।”
उन्होंने आगे कहा,
“हमारी गैरमौजूदगी में अस्पताल की सभी सेवाएं चालू रहीं। हमने एसपी और सीओ सिटी से बात की है। उन्होंने एक हफ्ते में खुलासे का आश्वासन दिया है। यदि पुलिस अपने वादे पर खरी नहीं उतरी, तो आगे की रणनीति सभी से विचार-विमर्श कर तय की जाएगी।”
डॉ. दीपक चौधरी के टिकैत परिवार से संबंधों के कारण यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोग इसे पुलिस प्रशासन के लिए “परीक्षा की घड़ी” मान रहे हैं।

पुलिस का बयान — “टीमें लगाई गई हैं, जल्द होगा खुलासा”
इस पूरे प्रकरण पर सीओ सिटी ने बताया कि,
“शहर कोतवाली क्षेत्र में डॉ. दीपक चौधरी के आवास पर चोरी की घटना हुई थी। इसे लेकर आज कुछ लोग थाने पहुंचे थे। उन्हें एक सप्ताह का समय दिया गया है। मामले के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं।”
शामली (Shamli) पुलिस का कहना है कि जल्द ही चोरों का पता लगाकर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
डॉक्टरों का भाकियू स्टाइल धरना बना चर्चा का विषय
शामली (Shamli) में यह पहला मौका है जब सरकारी डॉक्टरों ने किसान यूनियन की तर्ज पर धरना प्रदर्शन किया।
पुलिस थाने में सफेद कोट पहने डॉक्टरों और किसान नेताओं को एक साथ बैठा देख हर कोई हैरान था।
लोगों का कहना है कि जब सरकारी चिकित्सक भी अपनी समस्याओं को लेकर इस तरह थाने में बैठने को मजबूर हों, तो यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह धरना कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
एक हफ्ते की मोहलत के बाद तय होगी पुलिस की साख
शामली (Shamli) में डॉक्टरों का यह धरना जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
अब सबकी निगाहें पुलिस पर टिकी हैं कि क्या वह एक सप्ताह में चोरी के इस मामले का खुलासा कर पाती है या नहीं।
अगर पुलिस वादे पर खरी नहीं उतरी, तो संभव है कि सरकारी चिकित्सक एक बार फिर “भाकियू स्टाइल” में आंदोलन शुरू करें।