DM Shamli Ko Shikayati Patra Dene Pahuncha Pidit
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के शामली (Shamli) जिले में एक चर्चित लेखपाल एक बार फिर विवादों में आ गया है। कलेक्ट्रेट पहुंचे एक व्यक्ति ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर लेखपाल पर डेढ़ लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
पीड़ित का आरोप है कि लेखपाल ने उसे भ्रमित और भयभीत कर पैसे ले लिए। गौरतलब है कि पिछले महीने भी इसी लेखपाल पर एक अन्य व्यक्ति से करीब 1.80 लाख रुपये लेने का आरोप लग चुका है, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

26 साल पहले खरीदे प्लॉट को लेकर शुरू हुआ विवाद
मामला शामली (Shamli) जिले के थाना झिंझाना क्षेत्र के गाड़ीवाला जमालपुर गांव निवासी शाहिद से जुड़ा है। शाहिद अपने साथियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा।
शिकायत में शाहिद ने बताया कि करीब 26 वर्ष पहले उसने 126 वर्ग मीटर का एक प्लॉट खरीदा था। उस प्लॉट पर वह अपने पिता के समय से ही दुकान और मकान बनाकर रह रहा है।
आरोप है कि वर्ष 2024 में तत्कालीन लेखपाल लवकेश ने उससे उसके प्लॉट का बैनामा मांगा। बैनामा देखने के बाद लेखपाल ने कहा कि उसमें खसरा नंबर दर्ज नहीं है, जिसके कारण जमीन पर विवाद खड़ा हो सकता है।
साठगांठ कर दर्ज कराया मुकदमा
शामली (Shamli) के झिंझाना के रहने वाले पीड़ित का आरोप है कि लेखपाल ने प्लॉट के पुराने मालिक के बेटे से साठगांठ कर उसके खिलाफ जमीन पर मुकदमा दर्ज करा दिया।
इसके बाद लेखपाल पीड़ित की दुकान पर पहुंचा और कहा कि उसने पहले ही चेतावनी दी थी कि बैनामा सही नहीं है, इसलिए यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। यह सुनकर पीड़ित घबरा गया और उसने लेखपाल से मामले को सुलझाने की गुहार लगाई।
समाधान के नाम पर मांगे दो लाख रुपये
शामली (Shamli) के पीड़ित के अनुसार लेखपाल ने मामले को सुलझाने के लिए दो लाख रुपये खर्च होने की बात कही।
आरोप है कि पीड़ित ने लेखपाल पर भरोसा करते हुए गवाहों के सामने डेढ़ लाख रुपये की रकम उसे दे दी। इसके बाद लेखपाल ने एक हाथ से लिखे कागज पर प्लॉट को खसरा नंबर 429 में दर्ज दिखाते हुए वह कागज पीड़ित को दे दिया।
पीड़ित का कहना है कि उस कागज पर कानूनगो और तहसीलदार कैराना की मुहर व हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
कोर्ट में पता चली सच्चाई
शामली (Shamli) जिले के शाहिद ने बताया कि जब वह अपने प्लॉट से जुड़े मुकदमे की पैरवी के लिए कोर्ट पहुंचा तो वहां उसे पता चला कि पुराने बैनामों में खसरा नंबर लिखना अनिवार्य नहीं होता था।
इसके बाद उसे एहसास हुआ कि लेखपाल ने उसे डराकर और भ्रमित कर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए डेढ़ लाख रुपये हड़प लिए।
पैसे मांगने पर दी धमकी
पीड़ित का आरोप है कि जब वह लेखपाल के पास अपने पैसे वापस मांगने पहुंचा तो उसने एसडीएम कैराना से अच्छे संबंध होने की बात कहते हुए उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और दुकान व मकान बुलडोजर से तुड़वाने की धमकी दी।
पीड़ित का कहना है कि उसकी दुकान ही उसके परिवार की आय का एकमात्र साधन है। यदि दुकान तोड़ दी गई तो उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
बताया जा रहा है कि 24 फरवरी को भी शामली (Shamli) के जमालपुर निवासी शोएब ने इसी लेखपाल पर एक जमीन के मामले में करीब 1.80 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया था।
हालांकि उस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई न होने के कारण लेखपाल के हौसले बढ़ गए हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
शामली (Shamli) कलेक्ट्रेट पहुंचे पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर लेखपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
साथ ही उसने यह भी मांग की है कि जांच तहसील कैराना के बजाय किसी अन्य तहसील से कराई जाए और उससे अवैध रूप से लिए गए डेढ़ लाख रुपये वापस दिलाए जाएं।