Nasirpur Controversy me hogi mahapanchayat
मुजफ्फरनगर। जनपद Muzaffarnagar के थाना तितावी क्षेत्र के गांव नसीरपुर (Nasirpur Controversy) में 6 मार्च को हुई एक मारपीट की घटना अब बड़ा सामाजिक और राजनीतिक रूप लेती जा रही है। किसान नेता ठाकुर पूरन सिंह और कश्यप समाज के बीच शुरू हुआ विवाद अब पंचायतों तक पहुंच गया है। 14 मार्च को नसीरपुर में दोनों पक्षों की ओर से महापंचायत बुलाने का ऐलान किया गया है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है और प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
गाड़ी और भैंसा बुग्गी हटाने को लेकर हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार 6 मार्च को गांव नसीरपुर में गाड़ी और भैंसा बुग्गी हटाने को लेकर किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह के परिवार और कश्यप समाज के युवक दुष्यंत के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते यह कहासुनी मारपीट में बदल गई, जिसमें दुष्यंत कश्यप घायल हो गया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, तीन आरोपी भेजे जेल
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर थाना तितावी पुलिस ने किसान नेता ठाकुर पूरन सिंह, उनके बेटों, भाई और ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया। इसके बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया।
पूरन सिंह ने बुलाई “सम्मान बचाओ महापंचायत”
पुलिस कार्रवाई के विरोध में किसान नेता ठाकुर पूरन सिंह ने 14 मार्च को गांव नसीरपुर में “सम्मान बचाओ महापंचायत” बुलाने का ऐलान कर दिया। उनका कहना है कि पुलिस ने बिना जांच के गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनके बेटों को जेल भेज दिया।

कश्यप समाज ने भी किया महापंचायत का ऐलान
वहीं इस विवाद ने नया मोड़ तब ले लिया जब कश्यप समाज के लोगों ने गांव त्रिपड़ी में पंचायत आयोजित कर 14 मार्च को नसीरपुर में ही महापंचायत करने की घोषणा कर दी। पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि ठाकुर पूरन सिंह माफी नहीं मांगते तो कश्यप समाज भी बड़ी संख्या में जुटकर अपनी पंचायत करेगा।
कश्यप समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह केवल एक समाज का मामला नहीं बल्कि पूरे सर्व समाज से जुड़ा विषय है। इसलिए महापंचायत में सभी वर्गों और बिरादरियों को आमंत्रित किया जाएगा।
निष्पक्ष जांच की मांग
पंचायत में मौजूद वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और विश्वास का माहौल बना रहे।
पूरन सिंह बोले – समाज से नहीं, प्रशासन से है लड़ाई
वहीं किसान नेता ठाकुर पूरन सिंह का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी समाज से नहीं बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली से है। उनका आरोप है कि बिना जांच के उनके परिवार के लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
14 मार्च की महापंचायत पर टिकी नजरें
फिलहाल पूरे इलाके की नजरें अब 14 मार्च को होने वाली महापंचायत पर टिकी हुई हैं। दोनों पक्षों की ओर से भीड़ जुटाने की तैयारी की जा रही है और इस मामले को जातीय रंग भी मिलता नजर आ रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते इस विवाद को शांत कर पाएगा या फिर 14 मार्च को नसीरपुर में माहौल और ज्यादा गरमाएगा।