बागपत में हिंदू कार्यकर्ता गोष्ठी को स्वामी यशवीर महाराज ने किया संबोधित, विभाजन और कथित ‘जिहाद’ के मुद्दों पर रखी बात
बागपत। जनपद बागपत के दाहा में आयोजित हिंदू कार्यकर्ता गोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी यशवीर महाराज ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के विभाजन का जिक्र करते हुए हिंदू समाज को जागरूक और संगठित होने की बात कही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए।
देश विभाजन का जिक्र कर स्वामी यशवीर महाराज ने रखी बात
गोष्ठी को संबोधित करते हुए स्वामी यशवीर महाराज ने वर्ष 1947 के देश विभाजन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय अलग पाकिस्तान की मांग उठाई गई और देश का विभाजन हुआ।
स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि विभाजन के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी भारत में ही रही। उन्होंने तत्कालीन नेहरू सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय को विशेष सुविधाएं दी गईं, जबकि हिंदुओं के साथ भेदभाव किया गया।
हालांकि, ये बातें स्वामी यशवीर महाराज के संबोधन में किए गए दावों और राजनीतिक टिप्पणी के रूप में सामने आईं।
‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण को लेकर कही जागरूक होने की बात
स्वामी यशवीर महाराज ने अपने संबोधन में लव जिहाद, धर्मांतरण और ‘मेडिकल जिहाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए इन्हें हिंदू समाज के सामने चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों से बचने के लिए हिंदू समाज को जागरूक होने की आवश्यकता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और अपने समाज से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने की अपील की।
बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में हुए शामिल
कार्यक्रम के आयोजक पप्पन राणा रहे। गोष्ठी में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने हिंदू समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक और धार्मिक विषयों पर अपने विचार रखे।
गौरतलब है कि स्वामी यशवीर महाराज इससे पहले भी हिंदू समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और कथित धर्मांतरण तथा ‘लव जिहाद’ जैसे विषयों पर सार्वजनिक मंचों से अपनी बात रखते रहे हैं।