Ganne Ka Bhav Badhne Se Kisaano Khush Vipaksh Ne Kaha Apryapt (Shamli)
शामली (Shamli) (संवाददाता दीपक राठी) : शामली (Shamli) जनपद के किसानों ने सीएम योगी का दिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि यह फैसला किसानों की मेहनत और संघर्ष को सम्मान देने वाला कदम है। किसानों का कहना है कि मौजूदा समय में महंगी खाद, डीजल, बिजली और मजदूरी के बीच यह बढ़ोतरी उन्हें राहत देगी।
हालांकि दूसरी ओर किसान नेताओं ने इस बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए कहा कि गन्ना मूल्य को पड़ोसी राज्य हरियाणा के बराबर 400 रुपये से अधिक प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए था, ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।

सीएम योगी का किसानों के लिए तोहफा
सरकार द्वारा घोषित इस बढ़ोतरी के बाद अब उत्तर प्रदेश में गन्ने का भाव लगभग 400 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कदम किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक मजबूती देने की दिशा में एक और प्रयास है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि गन्ना मूल्य में वृद्धि से न केवल किसान खुश होंगे, बल्कि चीनी मिलों की समय पर भुगतान करने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को गन्ना भुगतान में देरी करने वाली चीनी मिलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

शामली के किसानों में खुशी की लहर
शामली (Shamli) जनपद के किसानों में इस निर्णय के बाद जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
शामली (Shamli) के किसानों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों को सुना और बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य में जो 30 रुपये की वृद्धि की है, उससे कुछ राहत जरूर मिलेगी।
स्थानीय किसान राजेन्द्र सिंह का कहना है,
“हम पश्चिमी यूपी के किसान हैं, हमारी अर्थव्यवस्था पूरी तरह गन्ने पर निर्भर है। इस बार खाद, डीजल और मजदूरी बहुत महंगी हो गई थी। योगी सरकार ने जो वृद्धि की है, वह स्वागत योग्य है।”
वहीं एक अन्य किसान सुरेश त्यागी ने कहा,
“सीएम योगी ने किसानों की पीड़ा समझी और गन्ने के मूल्य में इजाफा किया। इससे किसानों को थोड़ा सहारा मिलेगा और उत्पादन लागत के बाद उचित मुनाफा भी निकल पाएगा।”
किसान नेताओं ने बताया वृद्धि अपर्याप्त
दूसरी तरफ किसान संगठनों और नेताओं ने इस बढ़ोतरी को न्यूनतम लाभकारी बताया है।
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी सतीश बालियान ने कहा कि “गन्ने की बुवाई और रखरखाव में आने वाली लागत बहुत बढ़ गई है। डीजल, खाद और कीटनाशक के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में केवल 30 रुपये की वृद्धि किसानों के साथ मजाक जैसी है।”
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने पहले ही गन्ने का समर्थन मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर तय किया हुआ है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को भी किसानों के हित में कम से कम हरियाणा के बराबर दर घोषित करनी चाहिए थी।
किसान नेताओं का यह भी कहना है कि उत्पादन लागत और बाजार परिस्थितियों को देखते हुए गन्ने का भाव कम से कम 425 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए, तभी किसानों को वास्तविक राहत मिलेगी।
सरकार और किसानों के बीच उम्मीदों का संतुलन
गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी को लेकर जहां सरकार इसे ऐतिहासिक बता रही है, वहीं किसान संगठन इसे सीमित राहत मान रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार गन्ना किसानों की लागत पर आधारित मूल्य निर्धारण की नीति अपनाती है, तो किसानों का भरोसा और बढ़ेगा।
वहीं प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि समय पर गन्ना भुगतान और पारदर्शी तौल प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि किसानों को उनका पूरा हक समय पर मिल सके।
योगी सरकार की पहल पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
शामली (Shamli) में किसानों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के इस फैसले को “राहत की शुरुआत” बताया है, वहीं किसान संगठनों ने सरकार से गन्ना मूल्य में और वृद्धि की मांग की है।
कुल मिलाकर, यह निर्णय किसानों में उम्मीद की किरण लेकर आया है, लेकिन उनके लिए असली राहत तभी होगी जब सरकार हरियाणा की तर्ज पर मूल्य वृद्धि को और आगे बढ़ाएगी।