Muzaffarnagar Karyakarm Ke Dauran Sanjeev Baliyaan
मुज़फ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में रविवार को छत्रपति शिवाजी सेना द्वारा आयोजित हिंदू स्वराज्य अधिवेशन में हिंदू समाज, जाति व्यवस्था, जनसंख्या नियंत्रण और आगामी राजनीति को लेकर बड़े बयान सामने आए। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता संजिव बालियान, छत्रपति शिवाजी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य समेत बीजेपी से जुड़े कई नेता और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
अधिवेशन के दौरान मंच से दिए गए बयानों ने सामाजिक एकता, जनसंख्या नियंत्रण और 2027 के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा को तेज कर दिया है।

जातियों में बंटना समाज की सबसे बड़ी कमजोरी: संजीव बालियान
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने हिंदू समाज की आंतरिक चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि “हिंदू समाज की सबसे बड़ी समस्या आज यह है कि हम जातियों में बंटे हुए हैं। जब तक समाज जाति से ऊपर उठकर एकजुट नहीं होगा, तब तक मजबूती संभव नहीं है।”
उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी सेना जैसे संगठन युवाओं को जातिगत सोच से बाहर निकालकर समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे संगठन सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
जनसंख्या नियंत्रण की जरूरत पर जोर
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में संजीव बालियान ने देश में लगातार बढ़ रही जनसंख्या पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “अगर इस समय राष्ट्र को किसी एक चीज की सबसे ज्यादा आवश्यकता है, तो वह जनसंख्या नियंत्रण है। भारत माता अब और बोझ सहन नहीं कर सकती। देश की आबादी बहुत तेजी से बढ़ चुकी है और इसके दुष्परिणाम भविष्य में और गंभीर होंगे।”
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें और समाज को जागरूक करने की दिशा में आगे आएं।
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को अर्चित आर्य की सलाह
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) से छत्रपति शिवाजी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य ने भी मंच से लोगों को संबोधित किया और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “भाई, आप मेरे ही कुल के हैं, आप हिंदू भाई हैं। आप उन लोगों को गले लगाना बंद करें जो हिंदू समाज के विरोध में खड़े हैं।”
आर्य ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर चंद्रशेखर आजाद ने अपनी राजनीति की दिशा नहीं बदली, तो उन्हें वही हाल झेलना पड़ सकता है, जैसा आज बांग्लादेश में हिंदू समाज के साथ हो रहा है। उनका यह बयान अधिवेशन में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना रहा।
2027 को लेकर सियासी संकेत
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) से अर्चित आर्य ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज पूरी तरह से संगठित होकर मैदान में उतरेगा। “हम केसरिया ध्वज और नील ध्वज के नीचे मिलकर काम करेंगे, लेकिन इस धरती को हरा नहीं होने देंगे,” उन्होंने कहा।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदुओं का नेतृत्वकर्ता बताते हुए कहा कि यह शक्ति कमजोर नहीं पड़ने दी जाएगी। हर वर्ग को साथ लेकर शक्ति एकत्रित की जाएगी और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
यूजीसी मुद्दे पर भी बोले बालियान
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) से यूजीसी से जुड़े विवाद पर संजीव बालियान ने कहा कि इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्टे दिया हुआ है। आगे एक कमेटी गठित होगी और उसी के बाद कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मुज़फ्फरनगर से उठा सियासी और सामाजिक संदेश
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में आयोजित यह हिंदू स्वराज्य अधिवेशन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इससे जुड़े बयान आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं। जाति व्यवस्था, जनसंख्या नियंत्रण और 2027 की राजनीति को लेकर दिए गए बयानों ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में ये मुद्दे प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले हैं।