Ghazipur riot case
Ghazipur riot case: पवन कुमार (संवाददाता गाज़ीपुर): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में हुए बवाल के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में 47 लोगों को नामजद करते हुए करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
Ghazipur riot case: सपा विधायकों समेत कई बड़े नाम शामिल
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में डॉ. वीरेंद्र यादव, जय किशन साहू और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सत्या यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।

Ghazipur riot case: 10 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी जेल भेजा गया
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व जिला पंचायत सदस्य सत्या यादव समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
Ghazipur riot case: पुलिस के मुताबिक सोची-समझी साजिश
गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पहले ही प्रतिनिधिमंडल को सीमित संख्या में आने की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बावजूद 250-300 लोगों की भीड़ गांव में पहुंच गई।
Ghazipur riot case: लाठी-डंडों और पत्थरबाजी से बिगड़ा माहौल
पुलिस के अनुसार, कई लोग लाठी-डंडों के साथ पहुंचे और गांव में पत्थरबाजी की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस के पास घटना से जुड़े फोटो और वीडियो सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
Ghazipur riot case: अफवाह फैलाने पर भी सख्त रुख
एसपी डॉ. ईरज राजा ने यह भी स्पष्ट किया कि निशा मामले को लेकर गलत जानकारी फैलाई गई। गैंगरेप जैसी अफवाहों के जरिए इसे जातीय संघर्ष का रूप देने की कोशिश की गई, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
Ghazipur riot case: जांच जारी, और गिरफ्तारी की तैयारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फोटो और वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द ही और गिरफ्तारियां की जाएंगी।