शामली : शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। शामली जिले में अब केंद्रीय विद्यालय (KV) की स्थापना होने जा रही है। इस संबंध में औपचारिक मंजूरी सरकार ने दे दी है। इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मार्गदर्शन में देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की मंजूरी दी गई है। इनमें से एक विद्यालय शामली जिले के लिए स्वीकृत हुआ है।
जयंत चौधरी ने साझा की बड़ी जानकारी
जयंत चौधरी ने ट्वीट करते हुए कहा कि “57 नए KVs को 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वीकृति दी गई है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि उत्तर प्रदेश के शामली जिले में भी केंद्रीय विद्यालय को मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय विद्यालय आधुनिक शिक्षा पद्धति, मजबूत नामांकन और उत्कृष्ट अकादमिक उपलब्धियों के साथ राष्ट्रीय एकता और समान अवसर की मिसाल पेश करते हैं।”

विधायक प्रसन्न चौधरी की मेहनत लाई रंग
दरअसल, शामली से रालोद विधायक प्रसन्न चौधरी ने जिले में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की मांग केंद्र सरकार से की थी। इस संबंध में उन्होंने 22 जून 2025 को केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को पत्र लिखा था। पत्र में विधायक ने उल्लेख किया कि शामली को अस्तित्व में आए करीब 14 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में यह जिला अभी भी काफी पीछे है। जिले से अलग हुए पड़ोसी जिलों में केंद्रीय विद्यालय पहले ही स्थापित हो चुके हैं, जिससे वहां की शिक्षा व्यवस्था और स्तर बेहतर हो गया है। ऐसे में शामली में भी केंद्रीय विद्यालय की आवश्यकता है।
विधायक प्रसन्न चौधरी की मांग को अब केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस फैसले से जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी और शिक्षा के क्षेत्र में शामली की स्थिति मजबूत होगी। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से जिले के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।
यह कदम न केवल शामली के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि पूरे जनपद के शैक्षिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
शामली के लोगों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी हो गई है और जिले में आधुनिक शिक्षा की नई राह खुल गई है।
बच्चों और अभिभावकों में खुशी
केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस कदम से जिले के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे JEE, NEET, UPSC और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी में बड़ा लाभ मिलता है।
अभिभावकों का कहना है कि अब उनके बच्चों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए किसी अन्य जिले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। शामली में ही KV की उपलब्धता उन्हें आधुनिक शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम से जोड़ेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में नई राह
विशेषज्ञों का मानना है कि शामली में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना जिले के शैक्षिक ढांचे को मजबूत करेगी। KV न केवल बच्चों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा बल्कि शिक्षकों की गुणवत्ता और बेहतर पाठ्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाएगा।
केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) अपने उत्कृष्ट शिक्षा मॉडल, सह-शैक्षिक गतिविधियों और अनुशासन के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां पढ़ने वाले छात्रों को न केवल अकादमिक बल्कि खेल, कला और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भी अवसर मिलते हैं।
क्षेत्रीय विकास की दिशा में अहम कदम
शामली जैसे अपेक्षाकृत नए जिले में KV की स्थापना को शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है। यह न केवल जिले के बच्चों बल्कि पूरे जनपद के शैक्षिक विकास के लिए बड़ा कदम होगा।
स्थानीय नेताओं और बुद्धिजीवियों का कहना है कि KV खुलने से शामली का नाम भी उन जिलों की सूची में जुड़ जाएगा जहां शिक्षा का बुनियादी ढांचा मज़बूत है। इससे जिले की पहचान बदलने और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य का रास्ता साफ़ होगा।
शामली जिले में केंद्रीय विद्यालय की मंजूरी मिलना शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम है। वर्षों पुरानी मांग पूरी होने के साथ ही अब जिले के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक शिक्षा प्रणाली का लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और RLD अध्यक्ष जयंत चौधरी के प्रयासों से मिली इस सौगात को जिले के लोग शैक्षिक क्रांति की शुरुआत मान रहे हैं। अब उम्मीद है कि KV की स्थापना से शामली शिक्षा के क्षेत्र में नए मुकाम हासिल करेगा और विद्यार्थियों का भविष्य और उज्ज्वल बनेगा।